“राजीव गांधी का नाम हटाने पर भड़के जीतू पटवारी, BJP को चेताया- 2028 में कांग्रेस की सरकार बनेगी”
भोपाल।
मध्यप्रदेश में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटा जा रहा है। इससे जुड़ा देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम भी हट जाएगा। बीजेपी सरकार के इस निर्णय का कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रस्तावित तीन नए विश्वविद्यालय बनाने का खर्च कौन उठाएगा? विद्यार्थियों, कर्मचारियों और विश्वविद्यालय की संपत्तियों का क्या होगा? जीतू पटवारी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने की कोशिश को राजनैतिक बदले की भावना करार दिया। उन्होंने बीजेपी को चेताते हुए कहा कि वह यह न भूले कि 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है। मप्र कैबिनेट ने प्रदेश के एकमात्र सबसे पुराने भोपाल स्थित सरकारी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि के तीन स्वतंत्र हिस्से करने का निर्णय लिया है। इसी के साथ विवि का नाम भी बदल जाएगा।एक हिस्सा भोपाल में ही रहेगा, जो मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के नाम से होगा। दूसरा उज्जैन के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विवि और तीसरा जबलपुर के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विवि के नाम से स्थापित किया जाएगा। इस तरह विवि से राजीव गांधी का नाम भी हट जाएगा। कैबिनेट के इस फैसले पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राजीव गांधी का नाम हटाने का प्रयास बताया। कांग्रेस के दोनों नेताओं ने कहा कि बीजेपी, देश के प्रति उनके योगदान को कभी नहीं मिटा सकेगी।
चेताया कि बीजेपी यह नहीं भूले 2028 में कांग्रेस की सरकार बन रही
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना से इतिहास मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार के नाम पर यह काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं, जीतू पटवारी ने चेताया कि बीजेपी यह नहीं भूले 2028 में कांग्रेस की सरकार बन रही है! यह सबकुछ हर हाल में याद रखा जाएगा।

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