माणिक सरकार के संदेश से छेड़छाड़ के निहितार्थ

21 August 2017

ये शब्द किसी भी तरह छेड़छाड़ का आधार नहीं हो सकते। आखिरकार, धर्मनिरपेक्षता का संविधान के मूल्य के रूप में उसकी प्रस्तावना तक में जिक्र है और उसकी चर्चा से किसी को भी सिर्फ इसलिए नहीं रोका जा सकता कि हिन्दू राष्ट्र के समर्थक सत्ता में आ गये हैं। जहां…

क्या है आरएसएस का शिक्षा एजेंडा?

19 August 2017

जिस तरह की शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है, उसका अंतिम लक्ष्य आने वाली पीढिय़ों के सोचने के तरीके में बदलाव लाना है। इसका उद्देश्य ब्राह्मणवादी सोच को समाज पर लादना, वैज्ञानिक समझ को कमज़ोर करना और मध्यकालीन, रूढ़ीवादी मानसिकता को बढ़ावा देना है। हाल में एक बैठक में,…

सावधान, बदल गये हैं युद्ध के क्षेत्र!

18 August 2017

 सम्यक दृष्टि से विचार करना हो तो आज की दुनिया में कहीं भी किसी देश के लिए दूसरे पर कब्जा करके अपने साम्राज्य का विस्तार करना संभव नहीं हो पा रहा। ऐसा न तो इसलिए है कि सारे देशों की सामथ्र्य बढ़ गयी है, न इसलिए कि वे सबके सब…

ऊर्जा स्वतंत्रता का उपाय

17 August 2017

वर्तमान में भागीरथी पर कोटेश्वर जैसी पम्प स्टोरेज योजना में नदी पर बांध बनाया जाता है। परन्तु ऐसी परियोजना को नदी छोड़ कर पहाड़ो पर स्वतंत्र रूप से भी बनाया जा सकता है। मेरा अनुमान है कि स्वतंत्र पम्प स्टोरेज योजना से 4 रुपए प्रति यूनिट के खर्च से दिन…

सौ में सत्तर आदमी नाशाद हैं

16 August 2017

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक जीडीपी का 5 फीसदी हिस्सा स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए लेकिन हम 2025 तक 2.5 फीसदी हिस्सा खर्च करने का लक्ष्य तय कर रहे हैं और आज महज जीडीपी का 1.16 फीसदी हिस्सा खर्च कर रहे हैं। 39 साल से लगातार एक बीमारी से गोरखपुर…

अढ़ाई दिन... इससे छोटा सत्र कैसा रहेगा

14 August 2017

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र अढ़ाई दिन में ही समाप्त कर दिया गया। अनिश्चितकाल के लिए सत्रावसान। अब शीतकालीन सत्र होगा- पता नहीं कितने दिन चले। अढ़ाई जिन में सत्रावसान- क्या इससे भी छोटा  सत्र हो सकता है?

मतलब एक सवाल मन में उठ रहा है कि विधानसभा का सत्र…

यूपीए से जनादेश छीनना भाजपा की रणनीति

12 August 2017

भारतीय जनता पार्टी का गठन 1980 में हुआ था। उसके गठन के 27 साल हो गए हैं और इस बीच वह देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन गई है। उसने देश की सबसे पुरानी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को अब बहुत पीछे छोड़ दिया है। अब भारतीय जनता पार्टी…

यह कैसी मजबूरी?

11 August 2017

जहां नीतीश के समक्ष विकल्पों का प्रश्न है, कहें कुछ भी, वे खुद भी जानते हैं कि वाकई विकल्पहीन नहीं हुए थे। वे चाहते तो मुख्यमंत्री पद का त्याग करके भी अपने आक्रोश का इजहार कर सकते थे और ऐसा करना उनकी प्रतिष्ठा का विस्तार करने वाला कदम होता। लेकिन…

वैज्ञानिक जिन्हें हम भूल न जाएं

10 August 2017

वे लोग जो पिछले सत्तर साल में कुछ नहीं हुआ की रट लगाते हैं, रोना रोते हैं, शिकायत करते हैं, उनके सामने मैं कुछ नाम रखना चाहता हूं। होमी जहांगीर भाभा, विक्रम साराभाई, सतीश धवन, यू.आर. राव, जयंत विष्णु नार्लिकर, बसंत गोवारीकर, पंचानन माहेश्वरी, खड्गसिंह वल्दिया, वर्गीज़ कुरियन, आर.एच. रिछारिया,…

एकजुट होकर हम कामयाब हो सकते

09 August 2017

प्रेस का भगवाकरण कर दिया गया है और अखबार या टीवी चैनलों में कुछ अलग आवाजों को छोड़कर, प्रेस सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर नाचता है। पहले और आज में बहुत कम अंतर है क्योंकि अखबार या टेलीविजन चैनलों के मालिक और पत्रकारों के दिमाग में अपना अस्तित्व…

अरविन्द पनगढ़िया के इस्तीफे के अंतर्विरोध

08 August 2017

पनगढ़िया की रीति-नीति और विचारों के जानकारों को उनके द्वारा भविष्य में उठाये जा सकने वाले कदमों को लेकर कतई कोई संदेह नहीं था। एयर इंडिया समेत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ सरकारी सलूक का मामला हो, उच्च, तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा प्रस्तावित सुधारों…

गुजरात में कांग्रेस की मुसीबत बढ़ी

05 August 2017

गुजरात कांग्रेस में यह संकट ऐसे समय में पैदा हुआ है, जब प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। लगभग दो दशक से वहां कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इस बार उसे लग रहा था कि वह चुनाव जीत सकती है। पटेल आंदोलन और उसके खिलाफ ओबीसी आंदोलन…

भारत-चीन विवाद : कूटनीति से ही हल होगा

04 August 2017

भारत शान्ति चाहता है और चीन की उल्टी सीधी कारस्तानियों को नज़रंदाज़ भी करने को तैयार रहता है। लेकिन रास्ता तो कूटनीति से ही निकलेगा। भारत के बहुत बड़े भूभाग पर चीन का कब्जा है। कश्मीर और लद्दाख में कई जगहों पर चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर भारतीय जमीन…

बैंकिग सेक्टर की अप्रासंगिकता

03 August 2017

बैंक इस समय चारों तरफ से घिरे हुए हैं। देश की अर्थव्यवस्था का इंजन सेवा क्षेत्र हो गया है जिसे लोन की जरूरत कम है। बड़े उद्योग सीधे बॉड के माध्यम से पूंजी उठा रहे हैं। छोटे उद्योग पस्त है और इनकी लोन लेने की क्षमता ही नहीं रह गई…

राजनीतिक अस्थिरता के भंवर में पाक

02 August 2017

पाकिस्तान में सर्वोच्च अदालत द्वारा पनामा पेपर्स लीक मामले में नवाज शरीफ को दोषी ठहराए जाने और प्रधानमंत्री पद से उनकी रुखसती के बाद सवाल गहराने लगा है कि क्या पाकिस्तान में लोकतंत्र फिर खतरे में है? क्या पुन: पाकिस्तान की हुकूमत सेना की मुठ्ठी में कैद होने जा रही…

बिहार में अनैतिकता का खुला खेल

01 August 2017

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया और पर्दे के पीछे किए गए षडय़ंत्र के चलते फिर से मुख्यमंत्री बन गए। जब उन्होंने इस्तीफा दिया उस समय वे महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे और इस महागठबंधन को बनाने में सबसे प्रमुख भूमिका स्वयं नीतीश कुमार की थी। महागठबंधन बनाने…

नीतीश कुमार का नट करतब

31 July 2017

यह वह भाजपा है जिसे नितांत मजबूरी के बिना किसी के साथ सत्ता शेयर करना तो दूर, दूसरे किसी का बने रहना तक मंजूर नहीं है और जिनके साथ मजबूरी में सत्ता शेयर करती भी है, इस साझेदारी के दायरे में लगातार अपने साझेदार को दबाने तथा पीछे धकेलने की…

जनता ही टंगेगी उल्टा

29 July 2017

महाभारत में द्रौपदी ने चीरहरण के दौरान मन ही मन कृष्ण की वंदना करते हुए कहा था, 'हे नाथ, हे रमानाथ, हे व्रजनाथ, हे आर्तिनाशन जनार्दन! मैं कौरवों के समुद्र में डूब रही हूं। आप मेरी रक्षा कीजिए।’ यह उस समय की बात है जबकि स्त्री व पुरुषों की गुलामी…

नीतीश कुमार की नैतिकता

28 July 2017

बिहार की सत्ता में भाजपा एक बार फिर हिस्सेदार बन गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में सुशासन बाबू के नाम से चर्चित हो चुके नीतीश कुमार ने अपने धुर विरोधी लालू प्रसाद के साथ मिलकर महागठबंधन किया था। जदयू और राजद के इस मेल को तब तिलमिलाती दिख रही भाजपा…

स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्गति-2

27 July 2017

यह हमारे देश की विडंबना है कि हमारी स्वास्थ्य नीति भी कारपोरेट क्षेत्र और निजी बीमा कंपनियों के दबाव में है। छत्तीसगढ़ में ही आए दिन स्मार्ट कार्ड में होने वाली धांधलियों की खबरें पढ़ने मिलती हैं। अभी जब राज्य सरकार ने स्मार्ट कार्ड की सीमा तीस हजार से बढ़ाकर…

बहुत-बहुत बधाई, मिस्टर प्रेसीडेंट!

26 July 2017

कोविन्द भले ही देश के पहले दलित राष्ट्रपति नहीं हैं, इस अर्थ में पहले दलित राष्ट्रपति केआर नारायणन से ज्यादा 'सौभाग्यशाली’ हैं कि उनके राष्ट्रपतित्व के प्रभाव पहले ही दिखने शुरू हो गये हैं। शायद इसलिए कि नारायणन के वक्त से देश की नदियों में बहुत पानी बह चुका है…

अंत्योदय ही कोविंद की सबसे बड़ी चुनौती

25 July 2017

उछली हुई हर बॉल को लपकने का काम हर बार आसानी से ऊपर बैठा व्यक्ति कर लेता है। अब तक हो यही रहा है। दलित के हिस्से का कुछ भी धरातल तक नहीं पहुंच पा रहा है।

देश में जनजातियों के लिए इतर आरक्षण हैं। पर सरकारी नौकरियों में राजस्थान…

शब्द वर्षा से बीज नहीं उगते

24 July 2017

भाजपा की नजर बिहार पर लगी है। यूपी जीत लिया, अब बिहार जीतना है और बिहार की जीत में लालूजी का खुटका है- लालूजी भाजपा को मैदान मारने नहीं देंगे, यह भाजपा को पता है। अपने सेक्युलर स्टैण्ड पर लालूजी डटे हुए हैं चट्टान की तरह। पूरी प्रतिबद्धता के साथ। बिहार…

रेल का अखाद्य भोजन

24 July 2017

रेलवे स्टेशनों पर जो खाने-पीने की चीजें परोसी जा रही हैं, वो इंसानी इस्तेमाल के लायक ही नहीं हैं। यह किसी शिकायती पत्र की पंक्तियां नहींहैं, बल्कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखपरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट है, जो बीते दिनों संसद के पटल पर रखी गई। रिपोर्ट में कहा गया है…

संघीय लोकतंत्र को खतरा विकास के नये उपाय

22 July 2017

भारत के एक संघीय गणराज्य के रूप में उदय के साथ और संविधान सम्मत राज्य की स्थापना के साथ ही संघ के विचारकों ने ना केवल देश के संघीय ढांचे का विरोध किया बल्कि भारतीय संविधान को भी भानुमति का पिटारा और अभारतीय कहा। यही कारण है कि आज देश…

मायावती का बड़ा दांव

21 July 2017

अगर मैं सदन में दलितों की बात नहीं उठा सकती तो मेरे राज्यसभा में रहने पर लानत है। मैं अपने समाज की रक्षा नहीं कर पा रही हूं। अगर मुझे अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है तो मुझे सदन में रहने का अधिकार नहीं है। मैं…

चीन को नहीं, अपने को सुधारिए

20 July 2017

चीन से हम गलत सबक लेने को उतारू हैं। चीन की तर्ज पर पर्यावरण को हम नष्ट करने की ओर बढ़ रहे हैं। चीन की तरह व्यापार को बढ़ावा देने की सीख लेने को हम तैयार नहीं हैं। डिजिटल इंडिया तथा जीएसटी से हम व्यापार को जटिल बनाते जा रहे…

अमरनाथ यात्रा की त्रासदी

19 July 2017

अमरनाथ यात्रा हमेशा से जोखिम भरी रही है, लेकिन अपनी श्रद्धा, भक्ति और साहस के बूते इस यात्रा पर लोग निकलते ही हैं। ऐसे में प्रशासन और सरकार पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह उनके जज्बे को सम्मान देते हुए यात्रा की ऐसी सुरक्षित व्यवस्था करे कि जोखिम कम…

डॉ. अमर्त्य सेन डाक्यूमेंट्री और सेंसर बोर्ड

18 July 2017

डॉ. सेन के शब्दों पर प्रतिबंध लगाने का अर्थ सम्पूर्ण देश की अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध लगाने के समान है। डॉ. सेन को अपनी बात कहने से इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि वे दक्षिणपंथी विचारधारा के घोर विरोधी हैं और समय-समय पर इस तरह की प्रवृत्तियों के विरूद्ध…

कोविन्द, दलित राजनीति और हिन्दू राष्ट्रवाद

15 July 2017

देश में ऐसे कई दलित नेता हैं जो हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीति के पिछलग्गू हैं और दलितों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूसरी ओर, ऐसे गैर-दलित नेता भी हैं जो अंबेडकर के आदर्शों में सच्चे मन से विश्वास रखते हैं और दलितों के कल्याण के लिए काम करते हैं।…