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4-5 सालों में MSME क्षेत्र  में 1 करोड़ से अधिक नौकरियां देने की क्षमता

By Sabkikhabar :15-04-2019 08:44


नोमुरा रिसर्च इंस्‍टीट्यूट लिमिटेड (एनआरआइ कंसल्टिंग एंड सॉल्‍यूशंस), भारत में रोजगार अवसर सूचकांकों पर गहराई से अध्‍ययन करने के बाद, इस अनुमान पर पहुंचा है कि भारत का एमएसएमई (माइ्क्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) सेक्‍टर अगले 4 से 5 सालों में 1 करोड़ से अधिक नौकरियों का सृजन करने के लिए तैयार है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्‍यम वर्ग का विकास और खर्च करने योग्‍य आमदनी में बढ़ोतरी से भारत खपत के लिए एक आकर्षक बाजार है. हालांकि, भारत में खपत किये जाने वाले महत्‍वपूर्ण हिस्‍से को आयात से पूरा किया जाता है, इस तरह नौकरियों का सृजन करने में घरेलू विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता सीमित हो जाती है. घरेलू उत्‍पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, पर मैन्‍युफैक्‍चरिंग एमएसएमई को विभिन्‍न स्‍थानों में विस्‍तारित करने पर यदि ज्‍यादा ध्‍यान दिया जाये तो कई नौकरियां पैदा की जा सकती है. इसके लिए ऐसे उपाय अपनाने होंगे जो एमएसएमई की बाजार प्रतिस्‍पर्धात्‍मकता सुधारने पर लक्षित हों.आशिम शर्मा, पार्टनर एवं ग्रुप हेड, एनआरआइ कंसल्टिंग एंड सॉल्‍यूशन्‍स ने कहा, ''मैन्‍युफैक्‍चरिंग इकोसिस्‍टम बदलते उपभोक्‍ता व्‍यवहार और दुनिया भर में हो रहे तकनीकी रूझानों के विभिन्‍न ट्रेंड्स के प्रभाव में निरंतर विकसित हो रहा है. इसने भारत के घरेलू सूक्ष्‍म और लघु-स्‍तरीय उद्योगों को अभिप्रेरित किया है और जिससे रोजगार निर्माण हो रहा है. अपना दायरा बढ़ाने के लिये एमएसएमई सेक्‍टर को एक बाजार-उन्‍मुख रणनीति की जरूरत है, जोकि मांग से प्रेरित उत्‍पादन और उत्‍पादों की एडवोकेसी मार्केटिंग के दो प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित है.

Source:Agency