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Date 21-10-18

हिंदू-मुस्लिम कारीगर साथ सजा रहे बिजासन माता की लाल चुनरी

By Sabkikhabar :12-10-2018 08:21


इंदौर । शक्ति की उपासना के नौ दिनी नवरात्र पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को शहरभर के माता-मंदिर में पूजन-अनुष्ठान का दौर जारी रहा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महाआरती में शामिल हुए। जगह-जगह पंडालों में गरबे के जरिये माता की स्तुति की गई। इस कड़ी में बिजासन माता को चढ़ने वाली दो किलोमीटर लंबी लाल चुनरी सूरत से शहर आई। दो किलोमीटर लंबी और पांच लाख सितारों वाली इस चुनरी को हिंदू-मुस्लिम कारीगर साथ सजा रहे हैं।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता ने बताया कि बिजासन माता को अर्पित होने वाली लाल चुनरी सूरत से बुलवाई जाती है, जिसमें सितारे जड़ने का काम इंदौर के मुस्लिम कारीगर करते हैं। वे पिछले आठ सालों से लगातार सितारे लगाने का काम कर रहे हैं। चुनरी यात्रा 14 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे बड़ा गणपति मंदिर से बिजासन माता मंदिर तक निकलेगी। आसमां बी कहती हैं कि 30 से अधिक कारीगर रोजाना 7 से 8 घंटे चुनरी को सजाने में देते हैं। जो बारी-बारी से सितारे जड़ने का काम करते हैं।

300 महिलाओं ने रचाई मेहंदी

माता भक्त लक्ष्मी पांडे ने जीणधाम ग्रेटर ब्रजेश्वरी में भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्र में मातृ शक्ति की आराधना निष्फल नहीं हो सकती। वैसे तो माता की भक्ति का कोई समय नहीं है लेकिन भारतीय संस्कृति में सृजन की शक्ति की पूजा करने का प्रावधान है, ताकि मां और उनकी संतान के बीच माधुर्य और निर्मलता की अमृतधारा का प्रवाह बना रहे। मंगल पाठ में 300 से अधिक महिलाओं ने मेहंदी रचाई। इस मौके पर हरिओम अग्रवाल, गोपाल मित्तल, मुकेश खंडेलवाल, सुनील गर्ग, विनोद अग्रवाल आदि मौजूद थे।

सजी देवी की मनोहारी झांकी

वैश्य महासम्मलेन द्वारा दस्तूर गार्डन परिसर में देवी माता की मनोहारी झांकी सजाई गई। वैश्य महासम्मलेन के अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल और महामंत्री मनीष लड्ढा ने बताया कि इस अवसर पर प्रतिदिन वैदिक विद्वान पंडितों सहित 1100 वैश्य परिवारों द्वारा मां की शास्त्रोक्त पूजा की जा रही है। प्रतिदिन आरती भी हो रही है।
 

Source:Agency