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उत्तराखंड में बारिश के साथ आफत, सड़कें हो रही बंद; भारी बारिश का अलर्ट

By Sabkikhabar :09-07-2018 07:07


देहरादून : रविवार की शाम से उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हो रही बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन भूस्खलन से सड़कें बंद होने का सिलसिला भी शुरू हो गया। इससे लोगों की आफत भी बढ़ गई है। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड 11 जुलाई तक भारी बारिश की आशंका है। इसके चलते अलर्ट जारी किया गया है। 

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक गढ़वाल मंडल के तीन जिले चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग व कुमाऊं मंडल में 10 व 11 जुलाई को भारी से भारी बारिश की आशंका है। जिसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़, नैनीताल एवं चंपावत जिलों में कही-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी दी है।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 11 जुलाई तक कुमाऊं एवं गढ़वाल के छह जिलों में भारी से भारी बारिश के आसार हैं। गढ़वाल मंडल के तीन जिले चमोली, पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी को अलर्ट रहने की सलाह दी है।  वहीं, रविवार शाम से उत्तराखंड में शुरू हुआ बारिश का दौर जारी है। चमोली जिले में भूस्खलन के चलते लामबगड़ के निकट बदरीनाथ हाइवे सुबह करीब आधा घंटा बंद रहा। बाद में इसे सुचारु कर दिया गया।  वहीं, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, देहरादून में हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी है। टिहरी में घने कोहरे के बीच बूंदाबांदी की सूचना है। 

टिहरी-ऋषिकेश राजमार्ग बगढ़धार, फकोट व हिंडोलाखाल के पास भूस्खलन से बंद हो गया। इन क्षेत्रों में लगातार मलबा गिर रहा है। मलबा हटाने में जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं, लेकिन सड़क साफ करने के बाद दोबारा मलबा गिर रहा है।  कुमाऊं मंडल में पर्यटन नगरी रानीखेत, गगास व कोसी घाटी समेत पूरा पहाड़ बादलों से घिरा है। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश की हो रही है। वहीं, पिथौरागढ़ में रात से बारिश के चलते अस्कोट-कर्णप्रयाग और थल- मुनस्यारी मार्ग भूस्खलन से बंद हो गया।

अस्कोट-कर्णप्रयाग मार्ग में थल के निकट बरड बैंड के पास मलबा आया है। यहां थल डीडीहाट धारचूला से हल्द्वानी जाने वाले वाहन फंसे है। वहीं, थल मुनस्यारी मार्ग दो स्थानों रसियाबगड और बनिक के पास बंद हो गया। नैनीताल में भी रातभर बारिश होती रही।  बागेश्वर के कपकोट में 162 मिमी बारिश दर्ज की गई। सरयू नदी उफान पर आ गई। कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग भूस्खलन से बंद हो गया। वही बागेश्वर बैजनाथ मोटर मार्ग धयनगड़ के पास बंद होने की सूचना है।  वहीं, कई दिनों बाद हुई बारिश से काश्तकार खुश हैं। गरुड़ घाटी में धान की रोपाई शुरू हो गई।  चंपावत में रात भर झमाझम बारिश होती रही। सुबह कोहरे के चलते सड़कों पर वाहन चालकों को हेड लाइट जलानी पड़ी। 
 

Source:Agency