By: Sabkikhabar
25-06-2018 07:30

प्लास्टिक के इस्तेमाल से बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण के खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। ये नया नियम शनिवार से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने पहले दिन प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे व्यापारियों और दुकानदारों पर शिकंजा कसते हुए कुल 163 लोगों से 8,15,000 रुपये जुर्माना वसूला। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई नासिक में हुई। यहां 72 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कुल 3,60,000 रुपया जुर्माना वसूला। जबकि पुणे में भी 52 लोगों से 2,60,000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए। इसके अलावा उल्लासनगर में 20 और ठाणे में 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 
प्रशासन के इस सख्त रवैये से व्यापारियों में हड़कंप है। उनका कहना है कि पैकेजिंग और कुछ अन्य उत्पादों में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर छूट मिलनी चाहिए। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट की तरफ से फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है। 

बताते चलें कि 23 मार्च को प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी की गई थी। हालांकि सरकार की इस अधिसूचना को कोर्ट में चुनौती भी दी गई है। इसे कानूनी रूप से गलत और आजीविका के मौलिक अधिकार का उल्लंघन बताया गया है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई चल रही है।   

तीन बार पकड़े जाने पर होगी जेल

महाराष्ट्र सरकार ने इस कानून को काफी सख्ती से लागू किया है। इसमें 5 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस नए कानून के मुताबिक, प्लास्टिक का इस्तेमाल करने, उसका उत्पादन और भंडारण करते अगर किसी को पहली बार पकड़ा जाता है तो उसपर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये और तीसरी बार पकड़े जाने पर व्यक्ति से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही तीसरी बार पकड़े जाने पर व्यक्ति को 3 महीने की जेल भी हो सकती है। 

कौन सा उत्पाद है प्रतिबंधित

सरकार ने प्लास्टिक से बने कई तरह के उत्पादों को प्रतिबंधित किया है। इनमें 50 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन, एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की थाली, बर्तन, चम्मच, कटोरी, गिलास, डिब्बे, चाय वाले कप और थर्मोकोल से बने सामान शामिल हैं। इसके अलावा रेस्टोरेंट और होटलों में भी पार्सल आदि देने के लिए प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी है। 

ये उत्पाद रहेंगे प्रतिबंधित सूची से बाहर

हालांकि सरकार ने कुछ जरूरी उत्पादों में प्लास्टिक के इस्तेमाल को छूट दी है। इनमें 50 माइक्रोन से ज्यादा की प्लास्टिक की थैली, दवाइयों के पैकेट, बोतल, अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उपकरण, बिस्कुट-चिप्स और नमकीन के प्लास्टिक रैपर्स, दूध की थैली शामिल हैं। इसके अलावा टीवी-फ्रिज-कंप्यूटर जैसे सामानों को पैक करने के लिए भी प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। 

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