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नौकरी के नाम पर झांसे में लेती थी लॉ स्टूडेंट, फिर ठगता था प्रोफेसर

By Sabkikhabar :16-05-2018 06:49


रायपुर। नौकरी लगाने के नाम पर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये ठगने के मामले जेल में बंद पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में पदस्थ वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ.आलेख साहू के खिलाफ सरस्वतीनगर थाने में चार सौ बीसी का एक और केस दर्ज किया गया है।

पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ कि प्रोफेसर साहू के कहने पर लॉ की छात्रा मोनिता साहू बेरोजगार छात्र-छात्राओं को फांसती थी। यही नहीं नौकरी और विधि विभाग में दाखिला दिलाने का भरोसा देकर प्रो.साहू से मिलवाती थी फिर साहू पीड़ितों से पैसे ऐंठ लेता था।

मोनिता ने कई सहपाठी छात्र-छात्राओं को झांसे में लेकर लाखों रुपये ठगने में प्रो. साहू की मदद की है। पुलिस का दावा है कि मोनिता साहू कमीशन के लालच में यह काम करती थी। पुलिस अब मोनिता की तलाश कर रही है। फिलहाल धोखाधड़ी का अपराध दर्ज होने की भनक पाकर वह रविवि नहीं आ रही है और घर से भी फरार है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एलएलएम की छात्रा मोनिता साहू ने न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के गुरुघासी दास कॉलोनी निवासी भानुप्रिया टंडन निराला पति रविन्द्र निराला को रविवि के विधि विभाग में प्रवेश दिलाने और सहायक प्रोफेसर की नौकरी लगवा देने का झांसा दिया था।

उसने विधि विभाग की सहायक प्रोफेसर आलेख साहू से मिलवाकर नौकरी लगाने के एवज में 3.26 लाख रुपये की मांग की। भानुप्रिया के परिजनों का कहना है कि मोनिता साहू ऐसे बेरोजगार छात्र-छात्राओं को ढूंढती थी जो आसानी से उसके झांसे में आ जाएं। इसके बाद वह प्रो.डॉ आलेख साहू से उन छात्रों को मिलवाती थी। उन्होंने बताया कि इसी तरह कई लोगों से मोनिता और प्रो.साहू ने मिलकर करीब दो करोड़ रुपए ठगे हैं।

बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या

पुलिस के पास ठगी के शिकार दो लोगों ने ही शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन तफ्तीश के दौरान यह जानकारी मिली कि प्रो.साहू और छात्रा मोनिता ने मिलकर 30 से अधिक लोगों से लाखों रुपये ठगे हैं। पैसा देने के बाद भी न पीएचडी में दाखिला हुआ और नौकरी लगी, तब पीड़ितों ने पैसा वापस लौटाने को कहा तो दोनों ने टालमटोल कर सभी को घुमाना शुरू कर दिया।

दबाव बनाने पर दस से अधिक पीड़ितों को ऐसे बैंक खाते का चेक थमा दिया जो खाता बंद था। चेक बाउंस होने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस का कहना है कि ठगी के शिकार पीड़ितों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

चाय ठेले में लिखा फ्रॉड है प्रो.साहू...बचकर रहें

प्रो.साहू ने छात्रों को ही नहीं बल्कि एक चाय दुकानदार को भी ठगा है। महोबा बाजार ओवरब्रिज के नीचे चाय ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति ने ठेले में बैनर पर यह लिखकर टांग दिया है कि प्रोफेसर डॉ.आलेख साहू फ्रॉड है, उससे बचकर रहें। दरअसल चाय दुकानदार के पांच हजार रुपये प्रोफेसर पर बकाया हैं।

यह पैसा उधार में पिलाए गए चाय का है जो कई महीने से प्रो.साहू ने नहीं दिए है। मांगने पर वह आज-कल में दे दूंगा कहकर टालता रहा। परेशान होकर दुकानदार ने ठेले में ही बैनर टांगकर प्रोफेसर की करतूत सार्वजनिक कर दी। बैनर को पढ़कर कोई मुस्करा देता है तो कोई पूछने लगता है, क्या हुआ भाई साहब? खुद प्रो.साहू ने बैनर टंगा देख आपत्ति जताई तो दुकानदार ने उधार का पूरा पैसा मिलने पर ही बैनर हटाने की चेतावनी दी थी।
 

Source:Agency