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जेल में परेशान दिखे लालू, प्रशासन से लेते रहे जानकारी;बेल बांड स्वीकार

By Sabkikhabar :16-05-2018 06:31


रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आज बेल बांड भर दिया है। दुमका और देवघर मामले में भी लालू प्रसाद का बेल बांड स्वीकार कर लिया गया है। इस संबंध में रिलीज आर्डर जारी हो गया। अब कुछ ही देर में लालू जेल से निकल पाएंगे। बिहार के बहादुरपुर के राजद विधायक भोला यादव सहित लालू प्रसाद के अन्य जमानतदार कोर्ट पहुंचे। चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में बेल बांड भरा गया। चाईबासा मामले में राजद के प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी और राजद के पूर्व विधायक संजय सिंह यादव लालू के बेलर बने हैं। चाईबासा मामले में प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लालू यादव के लिए रिलीज आर्डर जारी किया गया है। 50-50 हजार रुपये के दो बेल बांड भरे गए हैं। 

इसलिए लटका लालू का बेल बांड

दुमका और देवघर कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का बेल बांड भराने से संबंधित कार्यवाही फिलहाल पासपोर्ट जमा करने को लेकर अटक गया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में उन्हें पासपोर्ट जमा करने की बात कही है। हालांकि इस संबंध में लालू प्रसाद की ओर से एक आवेदन दाखिल कर कहा गया है कि उनका पासपोर्ट सीबीआइ के पास जमा है। इस पर अदालत ने सीबीआई से रिपोर्ट मांगी है। चाईबासा मामले में में बेल बांड भरने के बाद निकलती अन्नपूर्णा देवी व संजय सिंह यादव।


जेल में परेशान दिखे लालू, प्रशासन से लेते रहे जानकारी

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद मंगलवार को दिन भर बेचैन रहे। उन्हें उम्मीद थी कि बेल बांड भर लिया जाएगा और वे जेल से रिहा हो जाएंगे। सुबह नौ बजे से ही उन्होंने इस बारे में जेल अधिकारियों से जानकारी लेनी शुरू कर दी। वे पूछ रहे थे कि रिलीज आर्डर मिला या नहीं। काफी देर बेचैनी में काटने के बाद उन्हें दोपहर बाद बताया कि बेल बांड नहीं भरा जा सका इस वजह से रिलीज आर्डर नहीं जारी हुआ है। इसके बाद वे निराश होकर अपने सेल में चले गए।लालू की जमानत को लेकर सुबह से ही चर्चा होती रही।

पूरे दिन जेल प्रशासन परेशान रहा। अधिकारियों को बिहार से नेता व समर्थकों के फोन कॉल आते रहे। कुछ मीडियाकर्मी भी जेल प्रशासन से लगातार अपडेट लेते रहे। हालांकि जेल गेट पर कोई नेता या समर्थक नहीं पहुंचा। लालू समर्थकों की नजरें कोर्ट से मिलने वाले रिलीज ऑर्डर पर थी। बड़ी संख्या में लालू समर्थक कोर्ट परिसर में बेल बांड भरे जाने का इंतजार करते रहे। अंतत: दोपहर बाद स्थिति स्पष्ट होने पर सभी घर लौटे।

कोर्ट में जमे रहे जमानतदार, अंतत: मायूस लौटे 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का जेल से निकलने का सपना मंगलवार को भी पूरा नहीं हो सका। तकनीकी खामियां कहें या फिर समय की पाबंदी। सारी तैयारियां होने के बावजूद कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं और लालू को एक और रात रांची की जेल में गुजारनी पड़ी। लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार व अनंत कुमार विज ने बताया कि लालू के प्रोविजनल बेल से संबंधित हाईकोर्ट का आदेश सिविल कोर्ट पहुंच गया है। लालू प्रसाद को शुक्रवार को हाईकोर्ट से छह हफ्तों की प्रोविजनल बेल (औपबंधिक जमानत) मिली है। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी सिविल कोर्ट में फैक्स के माध्यम से पहुंचती है। सिविल कोर्ट की कार्य अवधि तक हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं पहुंची, इसलिए लालू की ओर से बेल बांड नहीं भरा जा सका। हालांकि कोर्ट की कार्य अवधि समाप्त होते ही आदेश की कॉपी सिविल कोर्ट पहुंच चुकी है। दो विशेष कोर्ट में अलग-अलग तीन मामलों में लालू की ओर से बेल बांड भरा जाना है।

तकनीकी गड़बड़ी से लटका मामला:

जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश का फैक्स लोअर कोर्ट में आने में आधा घंटा लग गया। दो पन्ने प्रिंट हुए ही थे कि कनेक्शन एरर आ गया। इसके बाद एक ही पन्ना कई बार निकला। दुमका, देवघर व चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद का हाईकोर्ट का अलग-अलग आदेश था।

पहुंचे थे छह जमानतदार:

लालू के चारा घोटाला के अलग-अलग तीन मामलों में छह बेलर (जमानतदार) बनाए गए हैं। देवघर मामले में चारा घोटाला कांड संख्या आरसी 64ए/96 में राजद के प्रदेश प्रवक्ता व झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. मनोज कुमार व हजारीबाग के राजद कार्यकर्ता भुनेश्र्वर पटेल बेलर बनाए गए हैं। वहीं दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला कांड संख्या आरसी 38ए/96 में राजद के पूर्व विधायक जनार्दन पासवान और इटकी निवासी व राजद कार्यकर्ता मसूद आलम जमानतदार बने हैं। इन दोनों मामले में लालू प्रसाद को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत से सजा सुनाई गई थी। इसलिए उनकी अदालत में ही बेल बांड भरा जाएगा।

वहीं, चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में चारा घोटाला कांड संख्या आरसी 68ए/96 में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत से लालू को सजा सुनाई गई थी। इस मामले में एसएस प्रसाद की अदालत में ही बेल बांड भरा जाएगा। तीनों मामले में लालू को 50-50 हजार का दो-दो बेल बांड भरने का आदेश हाईकोर्ट द्वारा दिया गया है। सभी जमानतदार घंटों कोर्ट में इंतजार करते रहे। मार्निग कोर्ट होने के कारण सुबह से ही गहमागहमी रही। हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार होता रहा। अंतत: बताया कि आज बांड भरना संभव नहीं, तब सभी जमानतदार वहां से लौटे।
 

Source:Agency