Breaking News

Today Click 686

Total Click 205461

Date 16-10-18

सीहोर में पहली बार 4701 रुपए क्विंटल में बिका शरबती गेहूं

By Sabkikhabar :13-04-2018 08:00


आष्टा । जिले की आष्टा कृषि उपज मंडी में गुरुवार को पहली बार सीहोरी शरबती गेहूं 4701 रुपए क्विंटल बिका है। नीलबड़ गांव के किसान तकत सिंह से यह गेहूं श्रीनाथ ट्रेडिंग कंपनी ने खरीदा है। इस गेहूं की खासियत यह है कि इसके चमक के साथ ही इसके दाने एक समान हैं। जिले में अब तक शरबती के अधिकतम चार हजार स्र्पए प्रति क्विंटल ही मिले हैं।

अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनीष पालीवाल व वरिष्ठ व्यापारी डॉ. राजेंद्र जैन ने बताया कि कृषि उपज मंडी में 12 अप्रैल गुरुवार को ग्राम नीलबड़ निवासी तकतसिंह एक ट्राली में करीब 20 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए लाया था। गेहूं श्रीनाथ ट्रेडिंग कंपनी ने 4701 रुपए क्विंटल में अधिकतम बोली लगाकर खरीदा। मंडी सचिव किशोर कुमार माहेश्वरी के अनुसार गेहूं का सैंपल मंडी में रिकॉर्ड के लिए भी रखा गया है।

यह शरबती की सी-306 प्रजाति का है, जिसे सीहोरी शरबती के नाम से भी जाना जाता है। इसका एक-एक दाना एक समान और सोने जैसा चमक रहा था। जब से आष्टा मंडी प्रारंभ हुई है, तब से लेकर अभी तक इस भाव में गेहूं नीलाम नहीं हुआ था। किसान की मेहनत का परिणाम है कि उसे इतना अधिक दाम मिला है।

क्या कहना है किसान का

किसान तकतसिंह का कहना है कि उन्होंने इस शरबती गेहूं की बोवनी के समय व बाद में समय-समय पर पर्याप्त पानी दिया। उसी का परिणाम रहा कि गेहूं का दाना एक समान उत्पादित हुआ है और उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि इतने अधिक दाम पर यह गेहूं बिक जाएगा।

ऐसा गेहूं पहली बार देखा

ऐसा गेहूं पहली बार देखा है। शरबती की चमक अच्छी होती ही है। यही उसकी खासियत है, लेकिन कई बार एक जैसा दाना नहीं आता। इस गेहूं का एक-एक दाना समान है। लगता है कि गेहूं के एक-एक दाने को बराबर आकार में तराशा गया है। - कैलाश चंद्र साहू, श्री नाथ ट्रेडिंग कंपनी

शरबती मूल किस्म का है

आज-कल बाजार में कई तरह के गेहूं की किस्म मिल रही है। जिन्हें कई बार व्यापारी शरबती के नाम से बेच देते हैं, लेकिन सुजाता और सी-306 ही शरबती की मूल किस्म है। इनके अच्छे दाम मिलते ही है। - डॉ. एसआर रामगिरी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक

अच्छा गेहूं मिलना मुश्किल

इस साल पानी की कमी के कारण कम गेहूं बोया गया था। इस वर्ष चना अधिक बोया गया। वहीं अच्छा गेहूं जो एक रंग और एक समान हो मिलना मुश्किल है। साथ ही मांग भी लगातार बढ़ रही है। जिससे इतने अधिक दाम मिले हैं। - जितेंद्र राठौर, गल्ला व्यापारी सीहोर
 

 

Source:Agency