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Date 17-12-18

भोपाल: स्कूल बस का किराया 20 फीसदी बढ़ा, बुक सेट, नोटबुक के भी दाम बढ़े

By Sabkikhabar :02-04-2018 07:38


भोपाल। स्कूल बसों का किराया तय हुए ढ़ाई साल हो गए, लेकिन जिला प्रशासन अब तक लागू नहीं करा सका है। इसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। अप्रैल से स्कूल बसों का किराया 20 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी गई है। जिससे अभिभावकों को 200 से 250 रुपए बस किराया का अधिक भुगतान करना पड़ेगा। स्कूल बस एसोसिएशन ने 20 प्रतिशत फीस बढ़ाकर स्कूलों को सौंप चुके हैं। वहीं पालक संघ का का कहना है कि स्कूल बस का किराया बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं जस की तस है। वहीं कुछ स्कूलों ने स्कूल यूनिफार्म भी बदल दिया है। जिससे अभिभावक पहले से ही बुक सेट, कॉपी, यूनिफार्म और अब बस फीस की बढ़ोत्तरी को देना होगा। इस तरह से अभिभावक को एक बच्चे पर करीब 4 से 5 हजार रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा।

बस में न तो जीपीएस व न ही स्पीड गवर्नर

अभिभावक कुछ स्कूल बसों में न तो जीपीएस और न ही स्पीड गवर्नर लगे हैं। इसके अलावा कुछ बसों में न तो सीट बेल्ट और न ही महिला अटेंडेंट नजर आती हैं। साथ ही बस ड्रायवरों का लायसेंस भी नहीं होता है।

अन्य खर्च को देखकर बढ़ोत्तरी करनी पड़ी

स्कूल बस एसोसिएशन का कहना है कि बस में सुविधा पूरी चाहिए। बस का बीमा 48 हजार रुपए से बढ़ाकर 68 हजार 500 रुपए कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन फीस 1700 रुपए बढ़ गई है। बसों में जीपीएस व स्पीड गवर्नर की फीस 7500 रुपए तक बढ़ गई है, बस के हाइपोथिकेशन की फीस 200 रुपए से बढ़ाकर 3 हजार रुपए कर दी गई, बसों में ड्रायवर, कंडक्टर के अलावा महिला अटेंडेंट भी रखना है, इसलिए बस किराया में बढ़ोत्तरी की गई है।

एसोसिएशन ने आरटीओ को सौंपी सूची

स्कूल बस ऑनर्स एसोसिएशन ने जिला प्रशाासन और आरटीओ को स्कूल बसों की नई किराया सूची सौंपे हैं। एसोसिएशन ने किराया बढ़ोत्तरी के पीछे के तर्क संबंधी पूरी सूची सौंपे हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि 2016 से 2018 तक स्कूल बसों में होने वाले खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। 2016 में डीजल के दाम 49.80 रुपए थे, जो बढ़कर 66.21 रुपए हो गए हैं। फिटनेस की फीस 500 से बढ़कर 800 रुपए कर दी गई है। परमीट फीस 750 से 1500 रुपए तक पहुंच गई, इसलिए किराया बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं जीपीएस पर 200 से 400 रुपए और स्पीड गवर्नर पर 3500 से 7500 रुपए कर दिया गया है।

यूनिफार्म में बदल दी कलर पट्टी

सेंट जोसेफ को-एड ने भी अपने यूनिफार्म को बदल दिया है। इसमें पहली से चौथी तक में व्हाइट शर्ट में रेड, ग्रीन व यलो पट्टी लगा दिया है। वहीं स्पोर्ट्स की यूनिफार्म में भी टी-शर्ट के मोनो का कलर चेंज किया है। इससे अभिभावक को 2 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। सेंट पॉल स्कूल ने प्ले ग्रुप की कक्षाओं के यूनिफार्म को बदल दिया है। इसमें दोनों यूनिफार्म को चेंज कर दिया गया है। जिससे अभिभावक को दोनों यूनिफार्म लेने पर 1550 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं

बदल देते हैं किताबें

स्कूलों में प्रायवेट पब्लिशर्स की किताबों को भी बदल देते हैं। जिससे अभिभावक को हर साल नई किताबें खरीदनी प़ड़ती है। प्रायवेट पब्लिशर्स की एक भी किताब 150 रुपए से नीचे नही है। स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू नहीं होने से 250 रुपए का बुक सेट अभिभावकों को 6000 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं नोटबुक भी अलग दुकान से नहीं ले सकते हैं। इसमें नोटबुक के लिए 6ठीं में 3800 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

कुछ स्कूलों का बढ़ा हुआ बस किराया

बिल बॉन्ग स्कूल - 1700-1950 रुपए

विंध्याचल एकेडमी- 1300 - 1500 रुपए

सेंट जोसेफ को-एड - 750- 900 रुपए

डीपीएस - 2000 - 2200 रुपए

सेंट पॉल स्कूल- 810 - 910 रुपए

स्कूल बस किराया सूची

किमी वर्तमान किराया बढ़ा हुआ किराया

1-5 950 रुपए 1140 रुपए

6-10 950 रुपए 1140 रुपए

11-15 1050 रुपए 1260 रुपए

16-20 1050 रुपए 1260 रुपए

21-25 1200 रुपए 1440 रुपए

26-30 1200 रुपए 1440 रुपए

30-50 1700 रुपए 2040 रुपए

50-70 1800 रुपए 2460 रुपए

70-100 1900 रुपए 2280 रुपए

इनका कहना है

सभी स्कूलों को बढ़ा हुए बस किराया सूची सौंप दिया गया है। अप्रैल से बढ़ा हुआ किराया लागू हो जाएगा। स्कूल बसों के मेंटनेंस में काफी खर्च होता है, इसलिए इस बार बस किराया में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है - सुनील दुबे, सचिव, स्कूल एवं कॉलेज बस ओनर्स एसोसिएशन

अभिभावकों पर लगातार प्रायवेट स्कूल में बच्चों के पढ़ाने का बो बढ़ते जा रहा है। स्कूल फीस, कॉपी-किताब, यूनिफार्म और इस बार बसों का किराया बढ़ाने से बोझ और बढ़ेगा। अगर आरटीओ और जिला प्रशासन चाहे तो बसों के किराया बढ़ोत्तरी पर रोक लगाई जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण प्रायवेट स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं - कमल विश्वकर्मा, अध्यक्ष, पालक महासंघ

Source:Agency