By: Sabkikhabar
13-03-2018 06:57

रायपुर। मध्यप्रदेश का कान्हा नेशनल पार्क नक्सलियों का नया सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। पिछले दो महीने में कान्हा नेशनल पार्क के अंदर दो माओवादी घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं ने छत्तीसगढ़ पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह यह है कि छत्तीसगढ़ की तरफ जंगलों में जहां पुलिस पोस्ट खोली जा रही है ताकि नक्सलियों पर नजर रखी जा सके वहीं मध्यप्रदेश के जंगलों में ऐसा कोई इंतजाम नहीं है।

छत्तीसगढ़ पुलिस के सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश के अफसर इन घटनाओं पर गंभीर नहीं हैं। कान्हा नेशनल पार्क पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। पार्क में करीब 40 टाइगर हैं जिन्हें देखने देश व विदेशी पर्यटक वहां जाते हैं। कान्हा का विस्तार छत्तीसगढ़ की सीमा तक है। इस ओर कान्हा का पेंच अभ्यारण्य है जिसकी सीमाएं छत्तीसगढ़ के भोरमदेव नेशनल पार्क से मिलती हैं।

इसी इलाके में नक्सली लगातार सक्रियता दिखा रहे हैं। कान्हा की 960 वर्ग किमी का इलाका छत्तीसगढ़ से सटा हुआ है। बस्तर में फोर्स के दबाव में आए नक्सली अब छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर नया जोन बनाने में जुटे हैं। इसका नाम उन्होंने एमएमसी जोन दिया है। इस इलाके के जंगलों में नक्सलियों का विस्तार दलम सक्रिय है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि नक्सलियों ने हाल ही में 180 रंगरूटों की भर्ती की है और लगातार अपनी ताकत बढ़ाने में जुटे हैं।

12 फरवरी को नक्सलियों ने कान्हा नेशनल पार्क के अंदर स्थित वन विभाग के पोस्ट पर हमला किया। वनरक्षकों की पिटाई की और उनके वाकी टॉकी तथा मोबाइल लूट लिए। जिस जगह यह हमला हुआ वह इलाका मध्यप्रदेश के मंडला जिले में आता है। दूसरी घटना में 2 मार्च को नक्सलियों ने मंडला जिले के ही लठवार वन चौकी पर हमला किया।

मंडला और बालाघाट दोनों जिले छत्तीसगढ़ से सटे हुए हैं। इन्हीं जिलों में नक्सली गतिविधियां देखी जा रही हैं। इस इलाके में नक्सलवाद नया नहीं है। नक्सली पिछले एक दशक से यहां आधार बनाने की कोशिश करते रहे हैं।

सीमारहित ऑपरेशन कर रहे

छत्तीसगढ़ के इस इलाके में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की कमान संभाल रहे दुर्ग के आईजी जीपी सिंह ने नईदुनिया से कहा हम मध्यप्रदेश के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। हमने पहले ही तय किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सीमारहित ऑपरेशन किया जाएगा। नक्सली यहां से वहां भाग नहीं पाएंगे। इलाके में लगातार सर्चिंग की जा रही है।
 

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