By: Sabkikhabar
13-01-2018 06:11

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद राजनीति गरमाती जा रही है। खबर है कि संसद के आगामी सत्र में जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है। Scroll की एक रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस महाभियोग लाने के विकल्प पर विचार कर रही है। इसके लिए कांग्रेस कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है जिसकी अगुवाई कपिल सिब्बल कर रहे हैं।

 
इस आधार पर लाया जा सकता है महाभियोग
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने महाभियोग पर विचार करने के लिए दूसरी पार्टियों से भी संपर्क साधा है। हालांकि इस मुद्दे पर आखिरी फैसला कांग्रेस अध्यक्ष लेंगे। बता दें कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत किसी भी जज के खिलाफ सिर्फ दो आधार पर महाभियोग लाया जा सकता है- दुराचार और अक्षमता। इन दोनों आधार को साबित करने के बाद ही किसी जज को उसके पद से हटाया जा सकता है। हालांकि अभी तक भारत में किसी बी जज के खिलाफ महाभियोग की प्रकिया पूरी नहीं हो सकी है।

इन 4 जजों ने अपनाए थे बगावती तेवर
बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों, न्यायाधीश चेलमेश्वर, न्यायाधीश जोसेफ कुरियन, न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश एम बी लोकुर ने देश के इतिहास में पहली बार एक साथ प्रेस कांफ्रेस करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए। बागी जजों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। जजों ने जस्टिस लोया के मौत की जांच के मुद्दे को भी उठाया।

कांग्रेस ने जजों के समर्थन में की प्रेस कांफ्रेस
इन चारों जजों के प्रेस कांफ्रेस के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इनके समर्थन में प्रेस कांफ्रेस की। राहुल गांधी ने कहा कि जजों की प्रेस वार्ता अहम है। जो हमारा लीगल सिस्टम है उस पर हम सब भरोसा करते हैं, पूरा देश भरोसा करता और इतनी गंभीर बात उठी इसलिए हमने आज बयान दिया है। चारों जजों की ओर से जो मामला उठाया है, वो गंभीर है। जजों ने जो सवाल उठाए हैं, उसका निपटारा होना चाहिए। साथ ही न्यायपालिका में लोगों का भरोसा बना रहे इसलिए जस्टिस लोया के मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों की निगरानी में कराई जानी चाहिए।

 

Related News
64x64

इलाहाबाद (जेएनएन)। बसंत पंचमी के पर्व पर आज संगमनगरी भले ही कोहरे की गिरफ्त में है, लेकिन संगम पर लाखों लोगों ने स्नान के बाद पूजा-पाठ किया। बसंत पंचमी पर…

64x64

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिया कि आगामी आम बजट कोई लोक लुभावन बजट नहीं होगा और सरकार सुधारों के अपने एजैंडे पर ही चलेगी, जिसके चलते भारतीय…

64x64

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू…

64x64

सिवान। जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रदेश सरकार के अभियान दहेज प्रथा तथा बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए आयोजित मानव श्रृंखला को सफल बनाने के…

64x64

बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली में अपने सबसे बहादुर कुत्ते 'टाइगर' को अंतिम विदाई दी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में तैनात टाइगर पुलिस का सबसे वफादार और बहादुर कुत्ता…

64x64

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव शनिवार को बक्सर में नंदन गांव के दौरे पर गए थे. यह वही गांव है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज…

64x64
बिना कुछ किए ही जय जय कार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।।। इन पंक्तियों पर बखूबी खरे उतरते हैं सुल्तानपुर से युवा सांसद एवं…
64x64

राजधानी दिल्ली से साल-दर साल आग की खबरें आती रहती हैं, लेकिन शनिवार शाम बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में जो घटना हुई उसने सबको हिलाकर रख दिया. एक पटाखा फैक्ट्री में…