By: Sabkikhabar
12-03-2018 06:29

बिजली परियोजनाओं को कर्ज देने वाली प्रमुख ऋणदाता पावर फाइनैंस कॉरपोरेशन ने आशंका जताई है कि उसकी लोन बुक का करीब 11.4 फीसदी हिस्सा ऋण शोधन प्रक्रिया में जा सकता है। इनमें कर्ज के बोझ तेज दबी ताप बिजली परियोजनाएं, गैस एवं जल विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि कुल 14,155 मेगावॉट क्षमता की परियोजना में पीएफसी के करीब 30,000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं या ऋणशोधन प्रक्रिया में जा सकते हैं।

एक अधिकारी ने कहा, '3,255 मेगावॉट परियोजनाओं को पहले ही पीएफसी या कंसोर्टियम में शामिल प्रमुख बैंकर राष्ट्रीय कंपनी लॉ पंचाट (एनसीएलटी) में ले जा चुके हैं। शेष करीब 10,000 मेगावॉट परियोजनाओं के लिए 6 महीने में समाधान तलाशना होगा। नियामकीय अड़चनों को देखते हुए बिजली उत्पादक संपत्तियों के लिए यह काफी कम समय है। उम्मीद की जा रही है कि सभी मामले एनसीएलटी में ही पहुंचेंगे।' 

एनसीएलटी में जिनका मामला पहले से चल रहा है उनमें कोनासीमा गैस पावर प्लांट (445 मेगावॉट), ईस्ट कोस्ट पावर की कोयला परियोजना (1,320 मेगावॉट), केवीके नीलांचल (350 मेगावॉट), इंड भारत मद्रास (660 मेगावॉट), कृष्णा गोदावरी (360 मेगावॉट) और जेएएल की सिक्कम की जलविद्युत परियोजना (120 मेगावॉट) शामिल हैं।हालांकि बड़ी चिंता उन परियोजनाओं की सूची को लेकर है जिनको अगले 6 माह में उनका समाधान निकालना है, नहीं तो ये मामले स्वत: एनसीएलटी में चले जाएंगे। 

रिजर्व बैंक द्वारा 'फंसी संपत्तियों के समाधान - संशोधित प्रारूप' पर जारी अधिसूचना में बैंकों से कहा गया है कि ऋण चुकाने में एक दिन की भी देरी करने पर उस खाते को डिफॉल्ट के तौर पर वर्गीकृत किया जाए। अधिसूचना में कहा गया है कि फंसी संपत्तियों के समाधान की प्रक्रिया 180 दिन में पूरी की जाए। हालांकि आरबीआई ने यह निर्देश बैंकों को दिए हैं और पीएफसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है, लेकिन इसने बैंकों के कंसोर्टियम के साथ मिलकर कर्ज दिया है, ऐसे में सभी संपत्तियां इस निर्देश के दायरे में आएंगी। 
दिवालिया होने के कगार पर खड़ी परियोजनाओं में एस्सार महान (1,200 मेगावाट), महेश्वर हाइड्रो परियोजना (400 मेगावाट), जीएमआर छत्तीसगढ़  (1,370 मेगावाट), केएसके महानदी (1,800 मेगावाट), रतन इंडिया की नासिक (1,350 मेगावाट) और अमरावती (2,700 मेगावाट) परियोजनाएं तथा उत्कल (120 मेगावाट) परियोजना शामिल हैं। जीएमआर छत्तीसगढ़ के मामले में मुख्य ऋणदाता ऐक्सिस बैंक ने परियोजना के अधिग्रहण के लिए बोली आमंत्रित की थी। इसके लिए अदाणी पावर, टॉरेंट पावर और जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने बोली लगाई थी लेकिन 28 फरवरी की समयसीमा तक यह करार नहीं हो पाया। 

सूत्रों ने बताया कि बैंक ने बोली प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है। बोली प्रक्रिया में शामिल एक कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि अगर कोई भी बोलीदाता खरीदार नहीं बनता है तो फिर जीएमआर छत्तीसगढ़ का मामला भी एनसीएलटी में पहुंच जाएगा। बाकी परियोजनाओं के लिए रिजर्ब बैंक की अधिसूचना में मामले को पेचीदा बना दिया है। बिजली परिसंपत्तियों को बेचने के लिए 6 महीने का समय बहुत कम है। 

पीएफसी और दूसरे कर्जदार को आशंका है कि अगर ये परियोजनाएं दिवालिया प्रक्रिया से गुजरती हैं तो उन्हें अपने बकाये में 50 फीसदी से अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई नियामकीय पचड़ों के कारण बिजली उत्पादक कंपनियों को खरीदार नहीं मिल पा रहा है। पिछले 4 साल में किसी भी राज्य में दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौता नहीं किया है जिससे इन परियोजनाओं का मुनाफा प्रभावित हो रहा है। अलबत्ता विभिन्न सरकारी योजनाओं के कारण कोयले की आपूर्ति आसान हुई है लेकिन बिजली उत्पादक कंपनियों का मनोबल नहीं बढ़ा है। नियामकीय आयोगों और अदालतों में वर्षों से चल रहे मामलों के कारण भी खरीदार इन्हें खरीदने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं।

बिजली उत्पादन के क्षेत्र में इस्पात क्षेत्र जैसी स्थिति नहीं है। इस्पात क्षेत्र में प्रवर्तक अपनी संपत्तियों को बेचने के इच्छुक नहीं थे और यहां तक कि अपनी कंपनियों पर बोली लगाना चाहते थे। लेकिन पिछले साल आए अध्यादेश ने उनके ऐसा करने पर पाबंदी लगा दी। लेकिन बिजली परियोजनाओं के लिए खरीदार ढूंढना आसान नहीं होगा। ताप बिजली क्षेत्र में 25,000 मेगावाट की फंसी परिसंपत्तियां दिवालिया कानून के बाद बिक्री के लिए तैयार हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने हाल ही में खबर दी थी कि इन परिसंपत्तियों को कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। इन परियोजनाओं की अधिकांश प्रवर्तक कंपनियां अपने कर्ज को कम करने के लिए इन परिसंपत्तियों से निकलना चाहती हैं। इनमें से कुछ परियोजनाओं से उत्पादन हो रहा है जबकि बाकी निमार्णाधीन हैं।

Related News
64x64

नयी दिल्ली : दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों में इंटरनेट स्पीड को लेकर जारी जंग दिलचस्प मोड़ पर पहुंचती जा रही है. इंटरनेट की स्पीड मामले में सही मायने में असली…

64x64

सरकार पेट्रोलियम मुनाफे में अपनी हिस्सेदारी को बरकरार रखने के लिए 2018-19 के वर्क प्रोग्राम में एक नए उपबंध पर जोर दे रही है। मौजूदा स्थिति में अगर कंपनियां ज्यादा…

64x64

कूलपैड ने अपना स्मार्टफोन Coolpad A1 और Coolpad Mega 4A  भारतीय यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया हैं. CoolPad A1 की कीमत 5,499 रुपये और Coolpad Mega 4A की कीमत…

64x64

नई दिल्लीः एसीसी ने अपने पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं जिसके मुताबिक साल 2018 की पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 18.6 फीसदी बढ़कर 250.4 करोड़ रुपए…

64x64

चंदा कोचर को मार्च 2009 में आईसीआईसीआई बैंक का सीईओ बनाए जाने के कुछ ही समय बाद कुछ अज्ञात 'शुभचिंतकों' ने क्रिडेन्शल फाइनैंस का बकाया चुकाया था। क्रिडेन्शल फाइनैंस वही…

64x64

मुंबई: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को सुबह हल्की तेजी का रुख दिखा. सेंसेक्स 34 अंकों की मामूली तेजी के साथ 34,429 पर खुला, वहीं निफ्टी 9 अंकों की…

64x64

नई दिल्लीः आज हम आपको उन स्टॉक्स के बारे में जानकारी देंगे जिनमें आज ट्रेडिंग कर के आप कमा सकते हैं मुनाफा। भले ही वो शेयर चढ़े या लुढ़के आपको…

64x64

नई दिल्लीः रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। खबर है कि रेलवे कई ट्रेनों के टिकट के किराए को कम करने जा…