By: Sabkikhabar
07-01-2018 07:19

मामला नियमितीकरण आदेश वितरित का
आमला नगर पालिका में काम कर रहे हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित कर आदेश दिए गए बताया जाता है। कि कुल 48 कर्मचारियों को नियमित किया गया है नियमितीकरण आदेश देने के लिए नगर पालिका द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें कुछ खास लोगों को ही बुलाया गया था किसी को ख़ास तो किसी को आम कर दिया गया है बताया जाता है। भाजपा पार्षद बसंतपुर उडुकले, लिखीराम साहू, सुरेखा वराटे,सरस्वती बछले, कांग्रेसी पार्षद सुषमा राहुल ढूंढे को कार्यक्रम में आमंत्रित तो किया ही नहीं लेकिन पार्षद होने के नाते नियमितीकरण आदेश वितरित करना और पूरी प्रक्रिया की जानकारी इन पार्षदों को नहीं है इस विषय में पार्षद सुषमा राहुल डंडे से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका में अध्यक्ष और सीएमओ की मनमानी चल रही है। वह स्वयं निर्णय लेते हैं । वैसे ही काम किया जा रहा है । हमारे जैसे जनप्रतिनिधियों को विश्वास में ना लेकर निर्णय लिए जा रहे हैं।  नियमितीकरण आदेश का मामला हो या परिषद की बैठक का मामला हो के निर्माण कार्य का मामला सभी कार्यक्रमों के निर्णय अनुसार ही किया जा रहा है 48 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया गया इसकी जानकारी हमें नहीं जहां तक बात कार्यक्रम आयोजित करने की वह कार्यक्रम भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके चाहते पार्षदों का कार्यक्रम था हमेशा नगर पालिका में ऐसा ही होता रहा है अपने चहेते पार्षदों और भाजपा के जनप्रतिनिधि कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाता है और कार्यक्रम आयोजित किया जाता है वैसे तो शासकीय आदेश वितरित का मामला था लेकिन नपा अधिकारी द्वारा इस कार्यक्रम को राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया है इस विषय में जब भाजपा पार्षद बसंत  उडुकले से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि नगर पालिका में वर्तमान में क्या हो रहा है इसकी जानकारी हमें नहीं रहती है। क्योंकि नपाध्यक्ष सीएमओ के बीच ही निर्णय ले कर सब काम किए जा रहे हैं। जहां तक बात है । दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियमितीकरण कार्यक्रम की हमें नहीं बुलाया गया है इसका क्या कारण है यह तो नपाध्यक्ष या मुख्य नगरपालिका अधिकारी ही बता सकते हैं।

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