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धान खरीदने के लिए 3 हजार करोड़ का कर्ज लेगी सरकार

By Sabkikhabar :07-10-2017 07:53


रायपुर। सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार को धान उत्पादन कम होने का अनुमान है। यही वजह है कि इस खरीफ सीजन में किसानों से धान खरीदने के लिए सरकार फिलहाल, तीन हजार करोड़ का कर्ज लेे रही है। इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों से प्रस्ताव आमंत्रित किया है। यह राशि पिछले साल की तुलना में आधी भी नहीं है।
अपनी शर्तों पर कर्ज लेगी सरकार
खरीफ सीजन 2016 में सरकार ने लगभग 11 हजार करोड़ का कर्ज लिया था, जबकि धान खरीदी 9 हजार 800 करोड़ की हुई थी। सरकार 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करेगी। इसके लिए 15 अक्टूबर से पंजीयन भी शुरू हो जाएगा। खरीदी शुरू होने में लगभग महीने भर का वक्त रह गया है, इसी वजह से सरकार ने फंड के इंतजाम की कवायद तेज कर दी है। तीन हजार करोड़ के लोन के लिए बैंकों से प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए 4 अक्टूबर को टेंडर जारी कर दिया गया है। सरकार अपनी शर्तों पर यह कर्ज लेगी।
2015 में 93 तहसीलों में था सूखा
इस साल की तरह ही 2015 में भी राज्य में सूखे के हालात थे। 93 तहसीलों में अल्प वर्षा के कारण उत्पादन कम होने का अनुमान था, हालांकि बाद में हुई बारिश से स्थिति सुर गई। इसके बावजूद करीब 59 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी।
इस साल 96 तहसीलों में अल्प वर्षा
सरकार ने इस साल 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। अफसरों के अनुसार 2015 से इस बार स्थिति ज्यादा खराब है। इसी वजह से इस बार उत्पादन कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
13 साल में 75 हजार करोड़ की धान खरीदी
राज्य की रमन सरकार ने अपने करीब 13 साल के कार्यकाल में किसानों से 6 करोड़ 91 लाख 59 हजार मीटरिक टन धान खरीदा है। इसके एवज में किसानों को 75 हजार करोड़ का भुगतान किया गया है।
80 स्र्पए प्रति क्विंटल बढ़े धान के भाव 
केंद्र सरकार ने पिछले साल की तुलना में इस बार धान के समर्थन मूल्य में 80 स्र्पए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इस साल कॉमन धान के लिए 1550 स्र्पए और ए-ग्रेड धान के लिए 1590 स्र्पए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य दिया जाएगा।
पिछले खरीफ सीजन का हाल
- 15 लाख किसानों से धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था।
- 13.50 लाख किसानों से सरकार को बेचा धान।
- 69 लाख मीटरिक टन धान सरकार ने खरीदी।
- 10 हजार करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया।
- 1989 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर हुई धान की खरीदी।
- 110 लाख मीटरिक टन प्रदेश में कुल धान का उत्पादन हुआ।

Source:Agency