By: Sabkikhabar
12-08-2017 08:33

रायपुर। अकर्मण्य, लापरवाह और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले राज्य सरकार के कई अफसरों-कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता देखना होगा। दरअसल, आईएएस-आईपीएस अफसरों के बाद, अब राज्य सेवा के अफसरों और कर्मचारियों की सर्विस का रिव्यू शुरू कर दिया गया है। समझा जाता है कि इसी महीने के अंत तक अधिकांश विभागों में 20 साल की सेवा या 50 साल की आयु पूरी कर चुके ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरे बिना नहीं रहेगी।

मुख्य सचिव ने कमेटियों को दिया निर्देश

पुलिस और स्वास्थ्य महकमे सहित कई और विभागों में सर्विस रिव्यू पूरा हो चुका है। रिटायर किए जाने वाले अफसरों-कर्मचारियों की सूची फाइनल की जा रही है। राज्य सेवा के अधिकारियों में पहली कार्रवाई विभागाध्यक्ष के स्तर पर होगी।

मुख्य सचिव विवेक ढांड ने विभागाध्यक्षों की सर्विस रिव्यू के लिए बनाई गई कमेटियों को निर्देश दिया है कि 18 अगस्त तक वह अपनी रिपोर्ट अवश्य सौंप दें। इसी महीने भ्रष्टाचार के आरोपी कई विभाग प्रमुखों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी है। चार दिनों में दो आईपीएस और दो आईएएस अफसरों की बर्खास्तगी से राज्य सेवा के अफसरों और कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा है।

कर्मचारियों में मची खलबली

कर्मचारियों में खासी खलबली है। वह दबी जबान से रिव्यू का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिव्यू के बहाने अफसर मनमानी कर रहे हैं। हालांकि अफसरों का कहना है कि मनमानी का सवाल ही नहीं उठता। 20 साल का सीआर देखने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

जिनका सीआर खराब होगा, उन्हीं की नौकरी जाएगी। अफसरों कर्मचारियों के रिव्यू के लिए जिला स्तर तक कमेटियों का गठन किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में अकर्मण्य और भ्रष्ट बाबुओं को घर बिठाने की तैयारी है।

पुलिस अमले में करीब 50 होंगे सेवा से निवृत्त

गृह विभाग के अफसरों ने बताया कि पुलिस की रिव्यू रिपोर्ट बन चुकी है। सूची मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए गई है। वहां से लौटते ही आदेश जारी हो जाएंगे।

बताया गया है कि पुलिस में एएसपी और डीएसपी रैंक के 5, इंस्पेक्टर रैंक के करीब 10 और सब इंस्पेक्टर तथा एसआई रैंक के 25 से 30 अफसर-कर्मियों की नौकरी जाएगी। गृह विभाग में कुल मिलाकर 50 लोगों को रिटायर किया जाना है।

निचले स्तर तक हो रही पड़ताल

राज्य सेवा के तृतीय वर्ग तक के कर्मचारियों का 20 साल का सर्विस रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इससे छोटे कर्मचारी बेहद परेशान हैं। पहली बार हो रही इस कार्रवाई से ऐसे कर्मचारी चिंतित हैं जो किसी न किसी मामले में फंसे हैं। जिलों में कलेक्टर और विभागों के जिला प्रमुखों की कमेटी कर्मचारियों का रिव्यू कर रही है।
 

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