By: Sabkikhabar
19-06-2017 09:02
रायपुर। पांच दिन के भीतर दो किसानों की खुदकुशी की इन घटनाओं के साथ ही छत्तीसगढ़ में किसानों के कर्ज का मुद्दा अब सुलगने लगा है। सरकारी दावों के विपरीत राज्य के छोटे और सीमांत किसान कर्ज के बोझ तले दबे पड़े हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें बाजार, परिचितों या साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता है। यही कर्ज उन पर भारी पड़ रहा है। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो खुदकुशी के आंकड़े बढ़ते जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 37.46 लाख किसान हैं। इनमें 76 फीसदी लघु व सीमांत श्रेणी में आते हैं। नाबार्ड में पंजीकृत किसानों की संख्या 10 लाख 50 हजार है। मापदंडों के अनुसार केवल इन्हीं किसानों को शून्य फीसदी ब्याज पर कृषि ऋण मिल पाता है। यानी करीब 27 लाख किसान सरकारी ऋण योजना के दायरे से बाहर हैं। ऐसे किसान खुले बाजार या दूसरों से कर्ज लेते हैं। अल्पकालीन लोन ही ब्याज मुक्त किसान नेता संकेत ठाकुर के अनुसार सरकार किसानों को ब्याज मुक्त लोन देती है। यह अल्पकालीन ऋण है, जो खेती करने के लिए दी जाती है, वह भी नाबार्ड में पंजीकृत किसानों को ही दिया जाता है। यह ऋण खाद- बीज आदि खरीदने के लिए दिया जाता है। ट्रैक्टर, कृषि उपकरण सहित अन्य कामों के लिए उन्हें बाजार दर पर कर्ज लेना पड़ता है। निजी बैंकों के हवाले किसान किसान नेताओं के अनुसार खाद-बीज के अलावा अन्य जरूरतों के लिए न केवल छोटे बल्कि बड़े किसान भी निजी बैंकों के हवाले कर दिए गए हैं। जहां ट्रैक्टर सहित अन्य उपकरणों की खरीदी में उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। बैंक सामान्य दर पर ही फाइनेंस करते हैं। इसी वजह से सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं रहता है। खरीफ सीजन में 3200 करोड़ देने की तैयारी सरकार ने खरीफ सीजन में किसानों को 3 हजार 200 करोड़ स्र्पए का ब्याज मुक्त ऋ ण देने का लक्ष्य रखा है। इनका कहना है छत्तीसगढ़ के किसान लोन चुकाने के मामले में दूसरे राज्यों के किसानों से बेहतर हैं। यहां 80 से 85 फीसदी तक लोन किसान लौटा देते हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां पैदावार अच्छी होती है और सरकार जीरो फीसदी ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराती है। मौसम की मार जैसी प्रतिकूल परिस्थिति में ही उन्हें दिक्कत होती है। इसके बावजूद कर्ज वसूली के लिए बैंक तंग नहीं करते।
Related News
64x64
दुर्ग । अभी तक आपने मोबाइल की बैटरी में विस्फोट के अनेक मामले सुने होंगे, लेकिन शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में ई-रिक्शा की बैटरी में धमाके का मामला…
64x64
रायपुर। स्मार्ट सिटी बनने की दौड़ में प्रदेश के दो शहरों ने बाजी मार ली है। मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को स्मार्ट सिटी के तीसरे राउंड के नामों की…
64x64
महासमुंद। महासमुंद जिला मुख्यालय से 53 किमी दूर बागबाहरा ब्लॉक के मोखा में किसान मंथिर सिंह ध्रुव ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन इसकी वजह 5-6 लाख…
64x64
रायपुर। अब तक तो आपने यही सुना होगा कि कैंसर वंशानुगत नहीं होता, लेकिन मेडिकल रिसर्च में इसके भी शुगर की तरह वंशानुगत होने की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश…
64x64
जशपुर । पेयजल संकट से जूझ रहे जशपुर में नगरपालिका के अफसरों बीते दो दिनों में खुलकर उजागर हो गई। यहां सुविधा लाज के पास पाइप लाइन फूटने से बीते…
64x64
कांकेर। 21 जून बुधवार को दिन के लगभग 11.20 बजे जिले के अलग-अलग भागों में आसमान पर अनोखा नजारा दिखा। जिसमें सूर्य के चारों तरफ बिल्कुल गोल इंद्रधनुष जैसा घेरा…
64x64
रायपुर। जीएसटी आने से आम लोगों को कुछ चीजों में राहत मिलेगी, लेकिन परिवार के साथ बाहर खान महंगा पड़ने वाला है। होटलों में खाने खाने पर प्रति टेबल 65…
64x64
रायपुर। भारत सरकार की स्टार्टअप कंपनियों में प्रदेश की पहली रजिस्टर्ड 'बड़ा दुकान" कंपनी ने थोक और रिटेल कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है। इस कंपनी का डायरेक्टर रजत सरकार…