By: Sabkikhabar
19-06-2017 07:15
दिल्ली के एक अस्पताल ने एक नवजात को कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया. जब अंतिम संस्कार करने क् लिए उसे ले जाया जा रहा था तो उसे जिंदा पाया गया. जब पिता को पता चला कि बच्चा जिंदा है तो उन्होंने तुरंत पीसीआर को फोन किया गया और बच्चे को अपोलो अस्पताल भेजा. जहां से उसे फिर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. ये था पूरा मामला दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में एक महिला ने सोमवार सुबह एक शिशु को जन्म दिया. अस्पताल के कर्मचारियों को बच्चे में कोई हरकत नजर नहीं आई. बच्चे के पिता रोहित ने कहा, डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया था. उन्होंने बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए उन्हें दे दिया. जब परिवार सदस्य बच्चे को लेकर घर आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी तो अचानक रोहित की बहन ने बच्चे में कुछ हरकत महसूस की. जब उसे खोला गया तो बच्चे की धड़कन चल रही थी और वह हाथ पैर चला रहा था. पुलिस अधिकारी ने पहले बताया कि बच्चे की मौत हो गई. पर बाद में कहा कि अस्पताल में ऐसा ही एक दूसरा मामला हुआ था जिसकी वजह से ये गलती हो गई. बता दें कि मां की हालत ठीक नहीं थी तो वह अस्पताल में ही भर्ती थी. जब पिता को पता चला कि बच्चा जिंदा है तो उन्होंने तुरंत पीसीआर को फोन किया गया और बच्चे को अपोलो अस्पताल भेजा. जहां से उसे फिर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों ने खटकटाया पुलिस का दरवाजा इस मामले को लेकर परिवार वालों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है. इस पर रोहित ने कहा, वे इतने गैर जिम्मेदार कैसे हो सकते हैं और जिंदा बच्चे को मृत घोषित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हमने समय रहते वो पैक को नहीं खोला होता तो मेरा बच्चा वास्तव में मर गया होता. हमें सच्चाई कभी पता नहीं चलती. ये अस्पताल की तरफ से बहुत ही बड़ी लापरवाही है. इसके दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए. जांच के दिए गए आदेश सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश दिया है. अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक ए के राय ने बताया, महिला ने 22 हफ्ते पूर्व बच्चे को जन्म दिया. डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश के मुताबिक 22 हफ्ते पहले और 500 ग्राम से कम वजन का बच्चा जीवित नहीं रहता. जन्म के बाद बच्चे में कोई हरकत नहीं थी. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा, हमने जांच करने का आदेश दिया है कि क्या बच्चे को मृत घोषित करने और उसे अभिभावकों को सौंपने से पहले इसकी सही से जांच की गई थी या नहीं. बता दें कि एक डॉक्टर के मुताबिक ऐसे बच्चों को मृत घोषित करने के पहले करीब एक घंटे तक निगरानी में रखा जाता है.
Related News
64x64

ताजमहल की ऐतिहासिकता पर जारी सियासी बयानबाजी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा जा रहे हैं. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा…

64x64

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता की आज सुबह दो बाइक सवारों से गोली मारकर हत्या कर दी. संघ का कार्यकर्ता सुबह शाखा से लौट रहा…

64x64

जोधपुर। राजस्थान में सैलरी में हो रही कटौती से नाराज पुलिसकर्मियों ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने अनोखे तरीके से विरोध जताया है। खबरों के अनुसार जोधपुर में आईबी…

64x64

पुणे : मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोचिंग सेंटरों की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि देशभर में चल रहे कोचिंग सेंटर आईआईटी और उसके जैसे संस्थानों…

64x64

दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मुश्किलें फिर बढ़ गई है। मंगलवार को सरकारी…

64x64

महाराष्ट्र के पुणे में एक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मामला पुणे के दत्तावाणी का है, जहां एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी रेजिडेंशियल फ्लैट्स का निर्माण कार्य…

64x64

नई दिल्लीः गुजरात चुनावों के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. जहां एक तरफ बीजेपी के लिए यहां सत्ता में बने रहना प्रतिष्ठा का सवाल…

64x64

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की। उम्मीदवार सुनील जाखड़ को रिकॉर्ड मत मिले और जनता ने उन्हें अपना सांसद स्वीकार किया। रविवार को गुरदासपुर के 6…